अग्निवीर सैनिक बनकर भीण्डर लौटने पर हुआ भव्य स्वागत
Bhinder@VatanjayMedia
8 वर्ष पहले बीमारी से पिता की मौत, मां ने पानीपुरी के थैले से किया घर का गुजारा और दो बार भर्ती में फेल होने के बाद भी हौंसला नहीं हारकर आखिर बेटे ने अपनी मां का सपना सच कर दिखाया। भीण्डर निवासी भगवती लाल तेली भारतीय सेना के अग्निवीर सैनिक बनकर जब भीण्डर लौटे तो सभी के चेहरे पर खुशी के आंसु थे तो भीण्डरवासियों ने भी जमकर स्वागत किया। भीण्डर नगर में विभिन्न जगहों पर भव्य स्वागत, पुष्पवर्षा और भारत माता के जयकारों से माहौल देशभक्तिमय हो गया।
मां के हौंसलें से हासिल की सफलता
भीण्डर निवासी भगवतीलाल तेली के पिता कैलाशचंद गुजरात के भीलोडा में रहकर पानीपुरी का थैला लगाते थे। वर्ष 2018 में बीमारी से उनकी मृत्यु होने के बाद उनकी मां कमला बाई थैला संभाल करके बेटे-बेटी को पढ़ाया। मां का सपना था कि बेटा भारतीय सेना में जाकर देश की सेवा करें। मां के इस सपने को पूरा करने के लिए भगवतीलाल 12 वीं कक्षा के बाद से ही तैयारी में जुट गया। लेकिन दो बार असफलता हाथ लगने के बाद भी हौंसला नहीं हारा और तीसरी बार भारतीय सेना के अग्निवीर सैनिक बनकर घर लौटा तो सभी के आंखों से खुशी के आंसु छलक आएं।

भीण्डर में हुआ भव्य स्वागत, दादाजी को पहनाई कैप
अग्निवीर सैनिक भगवतीलाल तेली पहली बार भीण्डर आएं तो रामपोल बस स्टेण्ड पर दादाजी लच्छीराम तेली के अगुवाई में सैकड़ों भीण्डरवासी उपस्थित थे। भगवतीलाल नेे सबसेे पहले दादाजी लच्छीराम को सेेल्यूट करके अपनी आर्मी कैप पहनाई। जिस पर दादा ने अपने पोते को गले लगाकर बधाईयां दी। इस पल को देखकर सभी के आंखें खुशी से नम हो गई। यहां से अग्निवीर सैनिक भगवतीलाल तेली कार में सवार होकर भीण्डर में निकले तो जगह-जगह भव्य स्वागत हुआ। इसके बाद सूरजपोल स्थित घर पहुंचने पर मां ने अपने बेटे के लाड लड़ाकर स्वागत किया।
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