केदारेश्वर की कलश स्थापना में उमड़ा आस्था का महासैलाब

केदारेश्वर की कलश स्थापना में उमड़ा आस्था का महासैलाब

7 से 14 मई तक हुए विविध धार्मिक अनुष्ठान, शर्मा परिवार ने की 6 बीद्या जमीन दान

Bhinder@Vatanjaymedia

भीण्डर उपखण्ड का केदारिया गांव गुरुवार को भक्ति, श्रद्धा और सनातन संस्कृति के रंग में रंगा नजर आया। प्रसिद्ध श्री केदारेश्वर महादेव मन्दिर की प्राण प्रतिष्ठा और कलश स्थापना में हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने आस्था का महासंगम बना दिया। गांव में सुबह से ही श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा और हर-हर महादेव, बोल बम तथा जय श्रीराम के जयघोषों से वातावरण भक्तिमय हो उठा। वैदिक आचार्यों के मंत्रोच्चार, शंखनाद और हवन की सुगंध के बीच सम्पन्न हुए धार्मिक अनुष्ठानों ने श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभूति करवाई। मेवाड़, मालवा, वागड़ और गुजरात क्षेत्र से आए हजारों श्रद्धालुओं ने इस ऐतिहासिक और दिव्य आयोजन में भाग लेकर धर्मलाभ प्राप्त किया।

अभिजीत मुहूर्त में एक साथ हुए धार्मिक अनुष्ठान

दोपहर 12 बजकर 07 मिनट के अभिजीत मुहूर्त में श्री केदारेश्वर महादेव मंदिर, श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर सहित गांव के विभिन्न मंदिरों में कलश स्थापना, मूर्ति स्थापना और शिलालेख स्थापना का कार्य एक साथ विधि-विधान के साथ सम्पन्न हुआ। यह दृश्य इतना अलौकिक और अद्भुत था कि हजारों श्रद्धालु मंत्रमुग्ध होकर इस क्षण को अपनी आंखों में कैद करते नजर आए। श्री 1008 संत श्री अनुजदास जी महाराज के सानिध्य में कई दिनों से चल रहे रुद्र महायज्ञ की पूर्णाहुति भी इसी शुभ अवसर पर सम्पन्न हुई। श्रद्धालुओं ने वैदिक मंत्रों के बीच यज्ञ में आहुतियां देकर परिवार, गांव और क्षेत्र की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। कलश स्थापना का प्रमुख धार्मिक कार्य गोपाल शर्मा एवं उनके परिवार द्वारा सम्पन्न करवाया गया। आयोजन के दौरान पूरा धाम भक्ति संगीत, ढोल-नगाड़ों और धार्मिक जयघोषों से गूंज उठा।

महादेव मंदिर के लिए भूमि दान बना श्रद्धा का प्रतीक

श्री केदारेश्वर महादेव मंदिर पर कलश स्थापना के अवसर पर गोपाल शर्मा एवं उनके परिवार द्वारा 6 बीघा 13 बिस्वा भूमि दान करने की घोषणा श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण और प्रेरणा का केंद्र बनी। उपस्थित संतों और ग्रामीणों ने इसे धर्म, सेवा और समाजहित की अनुपम मिसाल बताया। श्री केदारेश्वर महादेव मंदिर परिसर में भगवान महादेव, माता पार्वती, कार्तिक स्वामी, गणपति महाराज एवं नंदी महाराज की मूर्तियों की विधिवत प्राण प्रतिष्ठा की गई। वैदिक आचार्यों द्वारा मंत्रोच्चार, पूजा-अर्चना और विशेष अनुष्ठानों के बीच पूरा मंदिर परिसर शिवमय बना रहा। श्रद्धालुओं ने महादेव के दर्शन कर परिवार की खुशहाली और क्षेत्र में सुख-शांति की प्रार्थना की। इसी क्रम में हनुमान जी मंदिर और गजानन जी मंदिर में भी मूर्ति स्थापना एवं कलश स्थापना के धार्मिक आयोजन सम्पन्न हुए। भक्तों ने बड़ी श्रद्धा के साथ पूजा-अर्चना कर मंगलकामनाएं की।

15 हजार श्रद्धालुओं ने ग्रहण की महाप्रसादी

विशाल धार्मिक आयोजन के दौरान महाप्रसादी का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें लगभग 15 हजार श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। दिनभर प्रसादी वितरण का सिलसिला चलता रहा और दूर-दराज से आए श्रद्धालु भक्तिभाव के साथ पंगत में बैठकर प्रसाद ग्रहण करते नजर आए। श्री केदारेश्वर मंदिर विकास ट्रस्ट एवं ग्रामीणों ने सामूहिक सहयोग से पूरे आयोजन को सुव्यवस्थित ढंग से सम्पन्न करवाया। श्रद्धालुओं की सेवा के लिए जगह-जगह पानी, छाया और बैठने की विशेष व्यवस्था की गई थी। कार्यक्रम में वल्लभनगर विधायक उदयलाल डांगी सहित कई जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

19 जोड़ों ने मिलकर करवाई कलश स्थापना

केदारिया गांव के मध्य स्थित श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर में 19 जोड़ों द्वारा सामूहिक रूप से 11 लाख रुपए की बोली लगाकर कलश स्थापना करवाई गई। धार्मिक आस्था और सामूहिक सहयोग का यह अद्भुत उदाहरण पूरे आयोजन का विशेष आकर्षण बना रहा। श्रद्धालुओं ने इसे गांव की एकता, धार्मिक भावना और सनातन संस्कृति के प्रति समर्पण का प्रतीक बताया। वहीं 7 मई से 13 मई तक आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में कथावाचक श्रीकृष्ण महाराज ने भक्तों को भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं और सनातन धर्म के महत्व का रसपान करवाया। कथा पंडाल में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। कथा के साथ विशाल भंडारे का आयोजन भी किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।

मेले में झूले, चकरी और स्टॉलों का आकर्षण

धार्मिक आयोजन के साथ केदारिया गांव में विशाल मेले का आयोजन भी हुआ, जिसने पूरे माहौल को उत्सवमय बना दिया। मेले में लगे झूले, चकरी, डोलर और अन्य मनोरंजन साधनों का बच्चों, युवाओं और महिलाओं ने भरपूर आनंद लिया। गांव में दिनभर रौनक बनी रही और श्रद्धालु धार्मिक दर्शन के साथ मेले का आनंद लेते नजर आए। मिठाइयों, आइसक्रीम, खिलौनों और ठंडे पेय की दुकानों पर दिनभर भारी भीड़ रही। ग्रामीणों और बाहर से आए श्रद्धालुओं ने खरीदारी कर मेले का आनंद उठाया। पूरा केदारिया गांव एक सप्ताह से धर्म, संस्कृति और उत्सव की जीवंत तस्वीर बना हुआ दिखा।

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