सुंदरलाल लिखमावत 3 वोट से जीते, भाजपा की मीना सामरिया को 11 मत
भाजपा के 12 पार्षदों में से एक की क्रॉस वोटिंग से बदला चुनावी समीकरण
Bhinder@VatanjayMedia

भीण्डर नगर पालिका अध्यक्ष चुनाव में कांग्रेस ने 16 वर्ष बाद पालिकाध्यक्ष की कुर्सी पर कब्जा जमा लिया। सोमवार को नगर पालिका सभागार में हुए मतदान में कांग्रेस के सुंदरलाल लिखमावत ने भाजपा की मीना सामरिया को 3 मतों से हराकर अध्यक्ष पद हासिल किया।
लिखमावत को 14 मत मिले, जबकि मीना सामरिया के खाते में 11 मत आए। नगर पालिका चुनाव में कांग्रेस के 13 पार्षद निर्वाचित हुए थे, जबकि भाजपा के 12 पार्षद थे। ऐसे में भाजपा के एक पार्षद की ओर से क्रॉस वोटिंग किए जाने की चर्चा चुनाव परिणाम के बाद राजनीतिक गलियारों में सबसे अधिक रही।
रिटर्निंग अधिकारी अभिलाषा चौधरी ने मतगणना के बाद कांग्रेस के सुंदरलाल लिखमावत को विजयी घोषित किया। इसके बाद उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाकर प्रमाण-पत्र सौंपा गया।

26 वर्ष बाद कांग्रेस का बोर्ड और 16 वर्ष बाद अध्यक्ष
भीण्डर नगर पालिका में कांग्रेस ने इस चुनाव में 26 वर्ष बाद अपना बोर्ड बनाया था। वहीं 16 वर्ष बाद अध्यक्ष पद पर काबिज होकर भीण्डर की राजनीति में एक और महत्वपूर्ण वापसी की है। इससे पहले वर्ष 2010 में अध्यक्ष के सीधे चुनाव में कांग्रेस के देवेन्द्र सिंह शक्तावत अध्यक्ष निर्वाचित हुए थे।
हालांकि उस समय नगर पालिका में बोर्ड भाजपा का बना था और भाजपा के ऐजाज शेख उपाध्यक्ष निर्वाचित हुए थे। वर्तमान चुनाव में कांग्रेस के सुंदरलाल लिखमावत के अध्यक्ष निर्वाचित होते ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल देखने को मिला।

गुलाब सिंह शक्तावत के बाद प्रीति शक्तावत की राजनीतिक अगुवाई में कांग्रेस की वापसी
भीण्डर की स्थानीय राजनीति में शक्तावत परिवार की भूमिका इस चुनाव में भी चर्चा के केंद्र में रही। वर्ष 2000 में जब भीण्डर नगर पालिका में कांग्रेस का बोर्ड बना था, उस समय पार्टी की राजनीतिक कमान तत्कालीन गृहमंत्री स्व. गुलाबसिंह शक्तावत के हाथों में थी।
इसके बाद उनके पुत्र गजेन्द्र सिंह शक्तावत ने राजनीतिक बागडोर संभाली। वर्ष 2010 में उनके प्रयासों से उनके बड़े भाई देवेन्द्र सिंह शक्तावत अध्यक्ष निर्वाचित हुए, लेकिन उस समय कांग्रेस बोर्ड बनाने में सफल नहीं हो सके।
वर्ष 2021 के नगर पालिका चुनाव के दौरान गजेन्द्र सिंह शक्तावत के निधन के बाद देवेन्द्र सिंह शक्तावत ने पालिका चुनाव की बागडोर संभाली। हालांकि उस चुनाव में भी कांग्रेस बोर्ड नहीं बना सकी।
इसके बाद स्व. गजेन्द्र सिंह शक्तावत की पत्नी प्रीति गजेन्द्र सिंह शक्तावत ने उपचुनाव के माध्यम से वल्लभनगर विधानसभा क्षेत्र की राजनीति में सक्रिय भूमिका संभाली। उनके नेतृत्व में पहली बार नगर पालिका चुनाव लड़ा गया और कांग्रेस भीण्डर में 26 वर्ष बाद बोर्ड बनाने में सफल रही। अब अध्यक्ष पद पर भी कांग्रेस के काबिज होने से शक्तावत परिवार की राजनीतिक भूमिका फिर चर्चा में है।

52 वर्ष बाद जैन समाज से तीसरे पालिकाध्यक्ष बने सुंदरलाल
सुंदरलाल लिखमावत भीण्डर नगर पालिका के 13वें अध्यक्ष होंगे। इसके साथ ही वे जैन समाज से नगर पालिका अध्यक्ष बनने वाले तीसरे व्यक्ति हैं।
नगर पालिका के इतिहास में वर्ष 1960 से 1963 तक शंकरलाल लिखमावत अध्यक्ष रहे थे, जो जैन समाज से नगर पालिका के पहले अध्यक्ष थे। इसके बाद वर्ष 1974 से 1977 तक रूपलाल नंदावत जैन समाज से अध्यक्ष बने।
अब करीब 52 वर्ष बाद कांग्रेस ने जैन समाज से सुंदरलाल लिखमावत को अध्यक्ष पद पर पहुंचाया है। इस तरह भीण्डर नगर पालिका के इतिहास में जैन समाज से तीसरे अध्यक्ष के रूप में सुंदरलाल लिखमावत का नाम दर्ज हुआ है।

भाजपा की क्रॉस वोटिंग ने बढ़ाई राजनीतिक हलचल
अध्यक्ष चुनाव की शुरुआत से ही भाजपा खेमे की गतिविधियां चर्चा में रहीं। सुबह 10 बजे नगर पालिका सभागार में मतदान प्रक्रिया शुरू हुई। भाजपा नेता एवं वल्लभनगर के पूर्व विधायक रणधीर सिंह भीण्डर के नेतृत्व में भाजपा के 11 पार्षद मतदान के लिए नगर पालिका पहुंचे। वहीं भाजपा पार्षद सुरेश कंठालिया करीब 10.30 बजे अकेले पैदल नगर पालिका पहुंचे।
उन्होंने यहां मौजूद पूर्व विधायक रणधीर सिंह भीण्डर से मुलाकात की और इसके बाद मतदान के लिए अंदर गए। मतदान के बाद भाजपा के पार्षद बाहर आए। 11 पार्षद पूर्व विधायक रणधीर सिंह भीण्डर के साथ वाहनों में रवाना हुए। इस दौरान सुरेश कंठालिया को भी पूर्व विधायक रणधीर सिंह भीण्डर एवं भाजपा पार्षद चमनलाल सोनी ने साथ चलने के लिए कहा, लेकिन उन्होंने साथ जाने से इनकार कर दिया और बाइक पर बैठकर वहां से चले गए।
मतगणना में भाजपा की मीना सामरिया को 11 मत और कांग्रेस के सुंदरलाल लिखमावत को 14 मत मिलने के बाद भाजपा में क्रॉस वोटिंग की चर्चा तेज हो गई। चुनाव से पहले भाजपा के 12 पार्षद होने के कारण एक भाजपा पार्षद के कांग्रेस प्रत्याशी के पक्ष में मतदान करने की बात सामने आई। इसके बाद पूरे दिन नगर में यह चर्चा बनी रही कि आखिर भाजपा का वह पार्षद कौन था, जिसने पार्टी प्रत्याशी के बजाय कांग्रेस प्रत्याशी के पक्ष में मतदान किया।

कांग्रेस पार्षदों का काफिले के साथ पहुंचना
कांग्रेस के पार्षद करीब 11 बजे वाहनों के काफिले के साथ नगर पालिका पहुंचे। पार्षदों से भरी ट्रैवलर में आगे की सीट पर पूर्व विधायक प्रीति गजेन्द्र सिंह शक्तावत मौजूद थीं। कांग्रेस के सभी 13 पार्षद मतदान के लिए नगर पालिका सभागार में पहुंचे। मतदान पूरा होने के बाद कांग्रेस के सभी पार्षद मतगणना तक सभागार में ही मौजूद रहे।
14 बनाम 11 मत, तीन वोट से जीते लिखमावत
मतदान प्रक्रिया पूरी होने के बाद करीब 11.40 बजे मतगणना शुरू हुई। मतगणना के दौरान कांग्रेस के 13 पार्षद मौजूद रहे, जबकि भाजपा की ओर से अध्यक्ष पद की प्रत्याशी मीना सामरिया के साथ पार्षद मगनीराम रेगर, चमनलाल सोनी और जितेन्द्र साहु मौजूद थे।
रिटर्निंग अधिकारी अभिलाषा चौधरी ने मतपेटी में पड़े मतपत्रों की गिनती की। इसमें कांग्रेस के सुंदरलाल लिखमावत को 14 मत, जबकि भाजपा की मीना सामरिया को 11 मत प्राप्त हुए। इस तरह सुंदरलाल लिखमावत को 3 मतों से विजयी घोषित किया गया।
परिणाम के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नवनिर्वाचित अध्यक्ष का माला और उपरना पहनाकर स्वागत किया। इसके बाद पुलिस ने उन्हें सुरक्षा के बीच घर पहुंचाया।

पालिका परिसर में कड़ी सुरक्षा, बैरिकेडिंग कर बंद रखा मार्ग
अध्यक्ष चुनाव को लेकर नगर पालिका परिसर एवं आसपास कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रही। पालिका के सामने बैरिकेडिंग कर सड़क पर आवागमन बंद कर दिया गया था। आमजन एवं कार्यकर्ताओं को भी पालिका परिसर के भीतर प्रवेश नहीं दिया गया।
मतदान के दौरान दोनों दलों के पार्षदों के अलावा अन्य लोगों को परिसर से बाहर रखा गया। भाजपा के मतदान के दौरान पूर्व विधायक रणधीर सिंह भीण्डर मौजूद रहे, जबकि कांग्रेस के मतदान के दौरान पूर्व विधायक प्रीति गजेन्द्र सिंह शक्तावत उपस्थित रहीं।
सुरक्षा व्यवस्था में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अंजना सुखवाल, डिप्टी श्यामसिंह रतनु, भीण्डर थानाधिकारी मुकेश कुमार, पुलिस लाइन से जाप्ता एवं अन्य पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।




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