निमड़ी में पंचफल पौधारोपण में भ्रष्टाचार, खुलासा नहीं हो उससे पहले पौधों को कर दिया आग के हवाले!

निमड़ी में पंचफल पौधारोपण में भ्रष्टाचार, खुलासा नहीं हो उससे पहले पौधों को कर दिया आग के हवाले!

पंचफल पौधारोपण में हुए थे करीब 47 लाख खर्च, अग्निकांड में सब हुआ राख

Bhinder@Vatanjaymedia

भीण्डर पंचायत समिति की चारगदिया ग्राम पंचायत के निमड़ी गांव में मनरेगा योजना के तहत वर्ष 2021 से 2025 तक पंचफल पौधारोपण कार्य व रखरखाव के नाम से खर्च हुए करीब 47 लाख रूपयों के कार्य के भ्रष्ट्राचार को छूपाने के लिए सैकड़ों पौधों को आग के हवाले कर दिया। आश्चर्य की बात तो ये हैं कि लाखों का नुकसान होने के बाद भी ग्राम पंचायत द्वारा 6 दिन गुजर जाने के बाद भी अभी तक कोई मामला दर्ज नहीं करवाया है। आंशका जताई जा रही हैं कि पंचफल पौधारोपण के नाम से उठाएं गये लाखों रूपये वहां पर लगे ही नहीं थे और पिछले दिनों सोशल ऑडिट व ग्रामीणों की शिकायत के बाद जांच की आंच इस पर आते देख सैकड़ों पौधों को आग के हवाले करके लाखों के बजट के कार्य को राख में बदल दिया है। इसके अलावा यहां पर नर्सरी विकास के नाम से भी 4 लाख 50 हजार रूपये स्वीकृत हो रखे है।

पौधों पर केवल 67 हजार, मजदूरी पर 29 लाख खर्च

निमड़ी गांव में पंचफल पौधारोपण के तहत नरेगा योजना के तहत 37 लाख 23 हजार 179 रूपये खर्च हुए। जिसमें निर्माण सामग्री पर 10 लाख 17 हजार 365 रूपये, कुशल कारीगर व मैट पर एक लाख 16 हजार 980 रूपये एवं मजदूरी पर 25 लाख 88 हजार 835 रूपये खर्च किये गये। वहीं पंचफल पौधारोपण के रखरखाव के लिए 4 लाख 27 हजार 941 रूपये खर्च हुए, जिसमें 2 लाख 79 हजार 225 मजदूरी पर खर्च हुए व 1 लाख 48 हजार 716 रूपये पौधें, दवाईयां व अन्य सामग्री पर खर्च किये गये।

1095 दिन करवानी थी मजदूरी, एक वर्ष में खत्म कर दिया बजट

पंचफल पौधारोपण के रखरखाव के लिए 4 लाख 42 हजार का बजट स्वीकृत हुए था, जिसको एक वर्ष में ही खर्च कर दिया गया। जबकि इसमें पंचफल पौधों की देखरेख व ध्यान रखने के लिए तीन वर्ष यानि 1095 दिन के लिए मजदूर लगाना था। लेकिन ये राशि पंचायत ने एक वर्ष में ही खर्च कर दी। इसको लेकर गत दिनों हुई सोशल ऑडिट में पेरा बनाया गया, जिसमें लिखा गया कि 3 वर्ष का रखरखाव की श्रम राशि एक वर्ष में ही खत्म कर नियमों की पालना नहीं की गई।

वित आयोग का 5 लाख बजट भी खर्च

पंचफल पौधारोपण में ग्राम पंचायत चारगदिया को वित आयोग के माध्यम से स्वीकृत हुए 5 लाख का बजट भी यहां पर खर्च किया गया। जिसमें नलकूप सहित विभिन्न कार्य किये गये। लेकिन धरातल पर ऐसे कोई कार्य देखने को नहीं मिल रहे है। यहां पानी के लिए टैंकर भी मंगवाएं गये तो वहीं पानी भरने के लिए बड़ी टंकी भी बनाई, लेकिन फिर भी पौधों सुख रहे थे। इसके अलावा नर्सरी विकास के लिए भी 4 लाख 50 हजार स्वीकृत हुए, जिसमें से अभी तक 82 हजार रूपये खर्च कर दिये गये।

19 मई के आग में पौधारोपण के लाखों हो गये स्वाह

19 मई को अचानक लगी आग ने पूरे क्षेत्र को राख में बदल दिया। आग के बाद सामने आए दृश्य बेहद दर्दनाक हैं। कहीं छोटे-छोटे पौधे पूरी तरह जल चुके हैं, तो कहीं पेड़ों की शाखाएं काली पड़ गई हैं। कई स्थानों पर केवल राख और जले हुए तने ही दिखाई दे रहे हैं। जिस नर्सरी को हरियाली और विकास का प्रतीक बनना था, वह अब वीरानी का दृश्य पेश कर रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि वर्षों से इस कार्य में भारी अनियमितताएं चल रही थीं। रिकॉर्ड में हजारों पौधों का रोपण, देखरेख और रखरखाव दर्शाया गया, लेकिन मौके पर न तो पर्याप्त पौधे दिखाई दिये और न ही किसी व्यवस्थित नर्सरी के प्रमाण मिले। अब आग लगने की घटना के बाद गांव में यह चर्चा तेज हो गई है कि कहीं भ्रष्टाचार और लापरवाही उजागर नहीं हो जाए, इसलिए सैकड़ों पौधों को आग के हवाले कर दिया गया।

इनका कहना

हां अज्ञात कारणों से आगजनी की घटना की वजह से आग लगी। लेकिन पंचायत द्वारा अभी ना तो भीण्डर पंचायत समिति को सूचना दी हैं और ना ही कोई मामला दर्ज करवाया गया है। कल मामला दर्ज करवाते है।
-हरीश कुमार रेगर, ग्राम विकास अधिकारी चारगदिया पंचायत

हां आग तो लगी थी, लेकिन अब किसके खिलाफ मामला दर्ज करवाएं, पौधे जल गये। अब होगा तो कल मामला दर्ज करवा देंगे।
-नाथुलाल गायरी, प्रशासक ग्राम पंचायत चारगदिया

मुझे इस घटना की कोई जानकारी ही प्राप्त नहीं हुई है। कल ही मैं पंचायत समिति से जांच टीम भेजता हूं।
-विरेन्द्र व्यास, विकास अधिकारी पंचायत समिति भीण्डर

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