उदयपुर जिला न्यायालय ने 18 फरवरी 2025 को दिये फैसले की पालना में जमीन मालिकों को सौंपनी थी जमीन
1968 से 2025 तक 57 वर्षों से भीण्डर हॉस्पिटल को हैं अपनी जमीन के हक का इंतजार!
Bhinder@VatanjayMedia
भीण्डर के राजकीय सामान्य चिकित्सालय की विवादित जमीन पर उदयपुर जिला श्रम न्यायालय ने दिये फैसले के बाद भीण्डर में जन आक्रोश फूट पड़ा। आमजन ने स्वतः ही अपने प्रतिष्ठान बंद करके भीण्डर पुलिस थाने के बाद एकत्रित होकर विवादित जमीन का कब्जा नहीं सौंपने का ज्ञापन दिया, जिस पर पुलिस प्रशासन ने उच्च न्यायालय में अपील होने तक कब्जा नहीं सौंपने का निर्णय किया।
उल्लेखनीय हैं कि उक्त जमीन का विवाद वर्ष 2011 से चल रहा हैं उस समय भी भीण्डर तीन दिन तक बंद रहा था। इसके बाद से मामला उदयपुर जिला न्यायालय में विचाराधीन है। वहीं इस मामले को लेकर एक मार्च शनिवार शाम 7 बजे सूरजपोल पर आमसभा का आयोजन किया जायेगा।
पुलिस ने घर-घर नोटिस भेजे तो लोगों में हुआ आक्रोश
भीण्डर पुलिस ने शुक्रवार सुबह इस मामले में भीण्डर की तरफ से केस लड़ रहे 19 पक्षकारों को नोटिस भेजे। नोटिस जैसे ही सभी के पास पहुंचे और सोशल मीडिया पर वायरल होने लगे तो लोगों में आका्रेश फैलने लगा।
नोटिस में पुलिस ने बताया कि कस्बा भीण्डर प्रार्थीगण सत्यनारायण पुत्र ऊंकार लाल अग्रवाल व मनोज कुमार पुत्र नवरतन लाल दक की सरकारी हॉस्पिटल के सामने भीण्डर उदयपुर मुख्य मार्ग पर प्रार्थीगण की दो संपत्तियां भूखण्ड पर कब्जा प्राप्त करने के सम्बन्ध में एसडीओ वल्लभनगर के आदेश से थानाधिकारी भीण्डर को रिसीवर नियुक्त किया गया था।
जिला न्यायाधीश (श्रम न्यायालय) उदयपुर द्वारा प्रकरण संख्या 32/17 मु.दी. 18 फरवरी 2025 के जारी आदेशानुसार उक्त भूखण्डो को कब्जा प्रार्थीगणों को नियमानुसार सुपुर्द करवाने हेतु आदेशित किया गया। प्रार्थीगणों को आज दिनांक 28 फरवरी 2025 को नियमानुसार कब्जा सिपुर्द किया जावेगा। उक्त कार्यवाही में आप कोई व्यवधान व बाधा उत्पन्न नहीं करें। अन्यथा आपके खिलाफ विधि अनुसार कार्यवाही अमल में लायी जावेगी। उक्त नोटिस से आप सूचित होवे।
भीण्डर बंद का आव्हान, ज्ञापन सौंपा
नोटिस से लोगों में फैले आक्रोश के बाद हॉस्पिटल जमीन बचाने की संघर्ष समिति ने बाजार बंद का आव्हान करके भीण्डर पुलिस थाने पर एकत्रित होना तय किया। जिसके बाद सूरजपोल से आमजन एकत्रित होकर रावलीपोल, सदर बाजार, मोचीवाड़ा, बाहर का शहर, रामपोल बस स्टेण्ड होते हुए भीण्डर पुलिस थाने के बाहर पहुंचे। यहां पर आमजनों को इस मामले को लेकर संबोधित किया उसके बाद वल्लभनगर पुलिस सहायक उपधीक्षक राजेन्द्र जैन को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान भीण्डर के अलावा वल्लभनगर, खेरोदा, कानोड़ पुलिस थाने के साथ उदयपुर पुलिस लाइन से जाप्ता तैनात रहा।
कब्जा नहीं सौंपने की रखी मांग
आमजन द्वारा पुलिस प्रशासन को दिये गये ज्ञापन में बताया कि बहुचर्चित हॉस्पीटल की जमीन का विवादास्पद मालिकाना हक मामले में पिछले 50 वर्षों से भीण्डर एवं उसके आसपास के समस्त गांवो की जनता संघर्ष कर रही है और भीण्डर की जनता एवं आसपास की जनता द्वारा इस हॉस्पीटल की जमीन को बचाई रखी है।
जिला सेशन श्रम न्यायालय द्वारा आदेश में उक्त विवादित भीण्डर हॉस्पीटल की भूमि का कब्जा सत्यनारायण पिता उंकार लाल अग्रवाल निवासी भीण्डर, मनोज कुमार पिता नवरतन मल दक निवासी भीण्डर को देने हेतु आदेश हुआ है। लेकिन उक्त आदेश मे कब्जा देने की समयावधि नहीं दी गई तथा उक्त आदेश की भीण्डर की जनता उच्च न्यायालय जोधपुर मे अपील करना चाहती है। परन्तु भीण्डर के उक्त तथाकथित भुमाफिया एवं इनके सहयोगी जो इस हॉस्पीटल की बेशकिमती भूमि जो चन्द रूपयो में खरीद कर लाखों रूपये कमाने की चेष्टा में है और इसी उद्देश्य की पूर्ति मे झुठे दस्तावेज बनाकर अब कानुन के मार्फत भीण्डर की जनता मे भय व्याप्त कराने की नियत से अब उक्त भीण्डर हॉस्पीटल की भूमि पर कब्जा लेने की कुचेष्टा में है।
भीण्डर के भूमाफिया जिस भूमि को अपनी बता रहे है उक्त भूमि भीण्डर नगर हॉस्पीटल की जनता की भूमि है इस बात की जानकारी इन लोगों को भलीभांति है परन्तु मात्र झुठे एवं बनावटी दस्तावेज के आधार पर भीण्डर हॉस्पीटल की जमीन हड़पना चाह रहे है। जिसकी भीण्डर की जनता सेशन न्यायालय उदयपुर के आदेश की अपील उच्च न्यायालय जोधपुर में प्रस्तुत करने तक का समय देना आवश्यक है।
जिससे भीण्डर की जनता को न्याय प्राप्त हो सकेगा यदि प्रशासन द्वारा समय नहीं दिया गया और भीण्डर हॉस्पीटल की जमीन को इन भूमाफियाओ को सुपुर्द कर दी तो भीण्डर की जनता के साथ अन्याय होगा साथ भीण्डर की जनता मे आक्रोश होने से होने वाली क्षति के लिए प्रशासन स्वयं जिम्मेदार रहेगा।
भीण्डर की जनता की ओर से निवेदन है कि सेशन न्यायालय उदयपुर के आदेश की अपील राजस्थान उच्च न्यायालय जोधपुर मे प्रस्तुत करने तक भीण्डर हॉस्पीटल की विवादाग्रस्त उक्त सम्पत्ति का कब्जा सुपूर्द नहीं करें तथा भीण्डर की जनता को अपील पेश करने का समय दिलावे ताकि जनता को न्याय मिल सकें।
ADVT
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