भीण्डर हॉस्पिटल के जमीन विवाद को लेकर सूरजपोल पर आमसभा, सर्व समाज के प्रतिनिधियों ने किया संबोधित
संघर्ष समिति को उच्च न्यायालय में केस लड़ने के लिए विधायक ने दिये 51 हजार रूपये
Bhinder@VatanjayMedia
भीण्डर हॉस्पिटल की बहुचर्चित जमीन विवाद को लेकर शनिवार रात भीण्डर के सूरजपोल चौराहे पर संघर्ष समिति के तत्वावधान में सर्व समाज की आमसभा का आयोजन किया गया।
जिसमें वल्लभनगर विधायक उदयलाल डांगी ने भी भाग लेकर आमजन को विश्वास दिलाया कि भीण्डर की जनता के साथ वे हर दम खड़े हैं और जमीन का एक इंच हिस्सा भी भूमाफियाओं के हाथों में नहीं जाने देंगे।
आमसभा को संघर्ष समिति के पदाधिकारी, आसपास क्षेत्र के क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि एवं विभिन्न समाज के प्रतिनिधियों ने विचार व्यक्त करते हुए हॉस्पिटल की जमीन को बचाने का आव्हान किया।
पुलिस प्रशासन की जल्दबाजी देखकर मैं भी रह गया हैरान – विधायक
भीण्डर हॉस्पिटल की विवादित जमीन को लेकर हुई आमसभा को संबोधित करते हुए वल्लभनगर विधायक उदयलाल डांगी ने कहा कि 2018 से चुनाव लड़ रहा हूं और हर बार कार्यकर्ता हॉस्पिटल जमीन को दिलाने की मांग रखते आ रहे है।
कल जब मुझे सुबह-सुबह नोटिस की जानकारी मिली तो हैरान रह गया कि कब्जा दिलाने के लिए पुलिस सुबह 7 बजे भीण्डर पहुंच गई। पहली बार देखने को मिला कि प्रशासन इतना जल्दी कब्जा दिलाने के लिए तत्पर दिखा। लेकिन भीण्डरवासियों के संघर्ष के आगे उनको झुकना पड़ा और कब्जा नहीं दिला सकें।
मेरा भीण्डर की जनता से वादा हैं कि इस जमीन में से एक इंच जमीन भी भूमाफियाओं के हाथ नहीं लगने दूंगा। जिन-जिन भूमाफियाओं ने हॉस्पिटल की जमीन खरीदने की हिम्मत दिखाई हैं उनके अन्य जमीनों की भी जांच करवायेंगे और जो अवैध मिल गई उसको ध्वस्त की कार्यवाही करवायेंगे।
इस जमीन को बचाने के लिए संघर्ष समिति लगातार कानूनी लड़ाई लड़ रही हैं, इनकी लड़ाई को मजबुत करने के लिए मैं भी 51 हजार की मदद करना चाहता हूं, ताकि अच्छा वकील करके उच्च न्यायालय में अच्छी पैरवी करके जमीन का हक प्राप्त कर सकें। वहीं सरकार के स्तर पर जमीन को अवाप्त करने के लिए भी प्रक्रिया शुरू करवायेंगे।
शादी छोड़ करके कोर्ट गया, लेकिन फैसला पक्ष में नहीं आया – फांदोत
भीण्डर हॉस्पिटल संघर्ष समिति एवं कानूनी लड़ाई में पक्षकार मिट्ठूलाल फान्दोत ने संबोधित करते हुए कहा कि मेरे घर में शादी होने के बावजुद इस माह में 6 बार पेशी पर गया। जिस दिन फैसला आया, उस दिन भी शादी छोड़ करके कोर्ट में दो घंटे तक बैठा रहा।
लेकिन न्यायालय ने 145 की कार्यवाही को समाप्त करके जमीन का कब्जा देने का फैसला किया, हालांकि मूल दावे पर अभी तक सुनवाई बाकी है। इस जमीन के लिए पिछले 55 वर्ष से हम सभी संघर्ष करते आ रहे है।
भीण्डर हॉस्पिटल की जमीन हम सभी नगरवासियों के लिए मां समान हैं और इन भूमाफियाआंे ने मां का सौदा किया हैं, ऐसे लोगों को सबक सिखाने की जरूरत है।
आमसभा को हिम्मत लाल नंदावत, पूरण व्यास, हितेश व्यास, अंबालाल गांगावत, लता चौबीसा, पूर्व पालिकाध्यक्ष गोवर्धन लाल भोई, विनोद मोर्य, महेन्द्र सिंह पंवार, हीरालाल पंड्या, सालेड़ा सरपंच सूरजमल मेनारिया, भंवरलाल भट्ट, मेनार पूर्व सरपंच ऊंकारलाल भालावत, सुरेश कंठालिया, महावीर नागदा, सलीम मोहम्मद आदि ने संबोधित किया।
ADVT
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